February 20, 2026
जिंक शरीर के लिए क्यों जरुरी है

हमारे शरीर को स्वस्थ और संतुलित रूप से कार्य करने के लिए कई सूक्ष्म पोषक तत्वों (Micronutrients) की आवश्यकता होती है, जिनमें से एक है जिंक (Zinc)। यह एक आवश्यक खनिज (Essential Mineral) है जो कई शारीरिक क्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन दुर्भाग्यवश, भारत में खासकर शाकाहारी लोगों में जिंक की कमी आम बात है। इस लेख में हम जानेंगे कि जिंक क्या है, यह क्यों महत्वपूर्ण है, इसकी कमी से क्या प्रभाव पड़ते हैं और शाकाहारी लोग इसे किन स्रोतों से प्राप्त कर सकते हैं।

जिंक क्या है ?

जिंक एक आवश्यक खनिज है जो शरीर में प्राकृतिक रूप से नहीं बनता, इसलिए इसे आहार के माध्यम से प्राप्त करना ज़रूरी होता है। यह लगभग 300 से अधिक एंजाइम्स की क्रियाओं में सहायक होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता, घाव भरने, डीएनए संश्लेषण, प्रजनन स्वास्थ्य, और विकास में योगदान देता है।

जिंक हमारे शरीर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

प्रजनन स्वास्थ्य:
पुरुषों में जिंक की कमी शुक्राणुओं की गुणवत्ता पर असर डाल सकती है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity):
जिंक सफेद रक्त कोशिकाओं को सक्रिय कर शरीर को संक्रमणों से लड़ने में मदद करता है।

घाव भरना (Wound Healing):
यह कोशिका निर्माण में मदद करता है जिससे कट या घाव जल्दी भरते हैं।

त्वचा और बालों का स्वास्थ्य:
जिंक की पर्याप्त मात्रा त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है और बालों को झड़ने से बचाती है।

मस्तिष्क और संज्ञानात्मक कार्य:
जिंक मस्तिष्क के न्यूरोट्रांसमिशन में सहायक है जिससे याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता बेहतर होती है।

जिंक की कमी के लक्षण (Zinc Deficiency Symptoms):

  • बार-बार बीमार पड़ना
  • बच्चों में विकास रुकना
  • बालों का झड़ना या सफेद होना
  • त्वचा पर चकत्ते या रैशेज
  • भूख न लगना
  • घावों का देर से भरना
  • आँखों की रोशनी में कमी
  • स्वाद और गंध की क्षमता का कम होना

शाकाहारी लोगों के लिए जिंक के प्रमुख स्रोत:

हालाँकि मांसाहारी खाद्य पदार्थों में जिंक की मात्रा अधिक होती है, लेकिन शुद्ध शाकाहारी लोग भी नीचे दिए गए स्रोतों से जिंक की पूर्ति कर सकते हैं:

  • सोया उत्पाद जैसे टोफू, सोया मिल्क
  • चना, राजमा, मसूर, उड़द जैसे दालें
  • कद्दू के बीज, तिल, सूरजमुखी के बीज
  • काजू, बादाम, अखरोट (विशेषकर भिगोकर खाएं)
  • ओट्स, ब्राउन राइस, बाजरा, जौ और दलिया
  • दूध, दही और पनीर (यदि आप डेयरी का सेवन करते हैं)
  • मशरूम, मटर, पालक, ब्रोकली

👉 ध्यान दें: शाकाहारी स्रोतों से मिलने वाला जिंक non-heme होता है जिसे शरीर कम मात्रा में अवशोषित करता है। इसलिए ज़रूरी है कि विटामिन C युक्त खाद्य पदार्थ (जैसे नींबू, आंवला, टमाटर) के साथ इनका सेवन करें ताकि अवशोषण बढ़े।

जिंक की दैनिक आवश्यकता (RDA):

उम्र/लिंगजिंक की दैनिक आवश्यकता (मिलीग्राम में)
पुरुष (वयस्क)11 mg
महिलाएं (वयस्क)8 mg
गर्भवती महिलाएं11-12 mg
स्तनपान कराने वाली महिलाएं12 mg

(स्रोत: Indian Council of Medical Research – ICMR)

जिंक की पूर्ति कैसे सुनिश्चित करें?

  • ज़रूरत हो तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी लिया जा सकता है
  • रोज़ाना विविध आहार लें जिसमें दालें, साबुत अनाज, बीज, और हरी सब्जियाँ शामिल हों
  • प्रोसेस्ड फूड से बचें क्योंकि ये जिंक के अवशोषण को प्रभावित कर सकते हैं

(इस लेख के सभी सामग्री केवल जानकारी के लिए है, अगर आप अपने स्वास्थ्य के बारे में चिंतित हैं तो डॉक्टर की सलाह लें )

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12 thoughts on “जिंक क्या है ? इसके फायदे, स्रोत और कमी के लक्षण जानिए

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