February 23, 2026
IIM funding support

भारत में स्टार्टअप (नवाचार आधारित उद्यम) तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन शुरुआती चरण में सबसे बड़ी चुनौती होती है — फंडिंग सपोर्ट (वित्तीय सहायता) और सही मार्गदर्शन की कमी। इसी समस्या को दूर करने के लिए भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) कोझिकोड LIVE (नवाचार, उद्यमिता और स्टार्टअप प्रयोगशाला) ने DST-NIDHI सीड सपोर्ट फण्ड (सीड फंडिंग) के तहत स्टार्टअप्स से आवेदन आमंत्रित किए हैं।

इस योजना के अंतर्गत चयनित स्टार्टअप्स को ₹1 करोड़ तक का फंडिंग सपोर्ट (वित्तीय सहायता), विशेषज्ञों से मार्गदर्शन (मेंटरशिप सपोर्ट), और मजबूत स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र (इकोसिस्टम सपोर्ट) प्रदान किया जाएगा।

यह अवसर विशेष रूप से उन उद्यमियों और स्टार्टअप संस्थापकों के लिए है, जिनके पास नवाचार आधारित उत्पाद (इननोवेटिव प्रोडक्ट), प्रोटोटाइप (प्रारंभिक मॉडल), या शुरुआती चरण का स्टार्टअप मौजूद है।

क्या है DST-NIDHI सीड सपोर्ट फण्ड?

DST-NIDHI (राष्ट्रीय नवाचार विकास और उपयोग पहल) भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (Department of Science and Technology) की एक प्रमुख योजना है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य है:

  • नवाचार आधारित स्टार्टअप्स को फंडिंग सपोर्ट देना
  • शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को बाजार के लिए तैयार करना
  • प्रौद्योगिकी आधारित उद्यमों को बढ़ावा देना
  • रोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करना

IIM कोझिकोड LIVE इस योजना के तहत अधिकृत इनक्यूबेशन केंद्र (स्टार्टअप सहायता केंद्र) के रूप में कार्य कर रहा है।

चयनित स्टार्टअप्स को क्या लाभ मिलेगा?

इस योजना के तहत चयनित स्टार्टअप्स को कई महत्वपूर्ण लाभ प्रदान किए जाएंगे:

1. ₹1 करोड़ तक का फंडिंग सपोर्ट (वित्तीय सहायता)

  • उत्पाद विकास (प्रोडक्ट डेवलपमेंट) के लिए सहायता
  • व्यवसाय विस्तार (बिजनेस एक्सपेंशन) के लिए फंड
  • तकनीकी सुधार के लिए वित्तीय सहयोग

2. विशेषज्ञों से मार्गदर्शन (मेंटरशिप सपोर्ट)

  • IIM कोझिकोड के विशेषज्ञों और उद्योग विशेषज्ञों से मार्गदर्शन
  • व्यवसाय मॉडल (बिजनेस मॉडल) विकसित करने में सहायता
  • विपणन रणनीति (मार्केटिंग स्ट्रेटेजी) बनाने में सहयोग

3. इनक्यूबेशन सपोर्ट (स्टार्टअप सहायता)

  • कार्यालय सुविधा (ऑफिस सपोर्ट)
  • तकनीकी सहायता
  • नेटवर्किंग और निवेशकों से संपर्क

4. मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम सपोर्ट

  • निवेशकों (इन्वेस्टर्स) से जुड़ने का अवसर
  • स्टार्टअप को तेजी से बढ़ाने में सहायता
  • उद्योग विशेषज्ञों से संपर्क

कौन-कौन से स्टार्टअप आवेदन कर सकते हैं?

इस योजना के लिए निम्न प्रकार के स्टार्टअप आवेदन कर सकते हैं:

पात्र स्टार्टअप:

  • प्रौद्योगिकी आधारित स्टार्टअप (टेक्नोलॉजी स्टार्टअप)
  • प्रोटोटाइप चरण वाले स्टार्टअप
  • शुरुआती राजस्व (इनकम) वाले स्टार्टअप
  • नवाचार आधारित उत्पाद विकसित करने वाले स्टार्टअप
  • तेजी से बढ़ने की क्षमता वाले स्टार्टअप

प्राथमिकता वाले क्षेत्र:

  • डीप टेक्नोलॉजी आधारित स्टार्टअप
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence)
  • स्वास्थ्य तकनीक (हेल्थ टेक्नोलॉजी)
  • शिक्षा तकनीक (एजुकेशन टेक्नोलॉजी)
  • कृषि तकनीक (एग्रीटेक)
  • स्वच्छ ऊर्जा (क्लीन एनर्जी)
  • सॉफ्टवेयर और डिजिटल उत्पाद

कौन आवेदन नहीं कर सकता?

निम्न प्रकार के व्यवसाय इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं:

  • पहले से अधिक फंडिंग प्राप्त कर चुके बड़े स्टार्टअप
  • केवल विचार चरण (आइडिया स्टेज) वाले स्टार्टअप (बिना प्रोटोटाइप)
  • पारंपरिक व्यवसाय (जिनमें तकनीकी नवाचार नहीं है)

आवेदन प्रक्रिया (Application Process): चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका

इस योजना में आवेदन करने के लिए नीचे दिए गए चरणों का पालन करें:

चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं

आधिकारिक वेबसाइट लिंक:
https://www.iimklive.org/livesss

चरण 2: आवेदन फॉर्म भरें

आपको निम्न जानकारी देनी होगी:

  • पिच डेक अपलोड करना
  • संस्थापक की जानकारी
  • स्टार्टअप की जानकारी
  • समस्या और समाधान का विवरण
  • बाजार अवसर (मार्केट अपॉर्च्युनिटी)
  • उत्पाद की स्थिति (प्रोडक्ट स्टेज)
  • फंडिंग आवश्यकता

चरण 3: चयन प्रक्रिया

  • आवेदन की जांच की जाएगी
  • चयनित स्टार्टअप्स को प्रस्तुति (प्रेजेंटेशन) के लिए बुलाया जाएगा

चरण 4: अंतिम चयन

चयनित स्टार्टअप्स को प्रदान किया जाएगा:

  • फंडिंग सपोर्ट
  • इनक्यूबेशन सपोर्ट
  • मेंटरशिप सपोर्ट

आवेदन की अंतिम तिथि (Deadline)

इस योजना के लिए आवेदन वर्तमान में खुले हैं। इच्छुक स्टार्टअप्स को सलाह दी जाती है कि वे जल्द से जल्द आवेदन करें, क्योंकि चयन प्रक्रिया प्रतिस्पर्धात्मक है और सीमित स्टार्टअप्स का ही चयन किया जाएगा।

अंतिम तिथि और अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें:
https://www.iimklive.org/livesss

यह अवसर स्टार्टअप्स के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत में शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स के लिए फंडिंग प्राप्त करना कठिन होता है। इस योजना के माध्यम से स्टार्टअप्स को न केवल वित्तीय सहायता मिलेगी, बल्कि विशेषज्ञ मार्गदर्शन और निवेशकों से जुड़ने का अवसर भी मिलेगा।

इससे स्टार्टअप कर सकते हैं:

  • अपने उत्पाद का विकास
  • टीम का विस्तार
  • बाजार में तेजी से प्रवेश
  • निवेशकों को आकर्षित करना

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