भारत में कैब सर्विस के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब तक Ola और Uber जैसे निजी प्लेटफॉर्म इस सेक्टर पर हावी थे, लेकिन अब एक नया नाम तेजी से चर्चा में है — भारत टैक्सी (Bharat Taxi)। यह सिर्फ एक नई कैब सर्विस नहीं, बल्कि एक ऐसा मॉडल है जिसमें ड्राइवर ही कंपनी के मालिक बन सकते हैं। यही वजह है कि आज भारत टैक्सी देशभर में सुर्खियों में है और इसे Ola-Uber के सबसे बड़े विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।
हाल ही में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत टैक्सी से जुड़े ड्राइवरों, जिन्हें “सारथी” कहा जा रहा है, से संवाद किया और इस cooperative मॉडल को देश के परिवहन क्षेत्र में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
क्या है भारत टैक्सी और क्यों है खास ?
भारत टैक्सी एक cooperative ride-hailing platform है, जिसका मुख्य उद्देश्य ड्राइवरों को ज्यादा कमाई और यात्रियों को सस्ती सेवा देना है। इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी खासियत इसका Zero Commission Model है।
जहां Ola और Uber जैसे प्लेटफॉर्म ड्राइवरों से 20% से 30% तक कमीशन लेते हैं, वहीं भारत टैक्सी में ड्राइवरों को अपनी कमाई का लगभग पूरा हिस्सा मिलता है। इससे ड्राइवरों की आय बढ़ने की उम्मीद है।
इस मॉडल में ड्राइवर सिर्फ सेवा देने वाले नहीं, बल्कि कंपनी के हिस्सेदार भी बन सकते हैं।
सिर्फ ₹500 में बन सकते हैं कंपनी के मालिक
भारत टैक्सी की सबसे बड़ी और अनोखी पहल यह है कि ड्राइवर मात्र ₹500 का निवेश करके cooperative के सदस्य बन सकते हैं। इसका मतलब यह है कि ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म के सह-मालिक होंगे और भविष्य में होने वाले लाभ में उनकी भी हिस्सेदारी हो सकती है।
यह कदम ड्राइवरों के लिए आर्थिक सुरक्षा और सम्मान बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
Ola-Uber के मुकाबले क्या है अंतर?
| विशेषता | Ola / Uber | भारत टैक्सी |
|---|
| कमीशन | 20%–30% | 0% |
| मालिकाना हक | कंपनी के पास | ड्राइवर भी मालिक |
| कमाई | सीमित | ज्यादा कमाई की संभावना |
| किराया | ज्यादा surge pricing | कम और स्थिर किराया |
| मॉडल | Private company | Cooperative model |
भारत सरकार का समर्थन, देशभर में विस्तार की योजना
भारत टैक्सी को सहकारिता मॉडल के तहत विकसित किया गया है और इसे सरकार का समर्थन भी प्राप्त है। फिलहाल इसे दिल्ली-NCR और कुछ अन्य क्षेत्रों में शुरू किया गया है, लेकिन आने वाले समय में इसे पूरे भारत में विस्तार करने की योजना है।
सरकार का लक्ष्य है कि यह प्लेटफॉर्म लाखों ड्राइवरों को रोजगार और बेहतर आय का अवसर प्रदान करे।
ड्राइवरों के लिए क्यों है गेम-चेंजर
भारत में लाखों लोग Ola और Uber से जुड़े हैं, लेकिन लंबे समय से ड्राइवर कमीशन और कम आय को लेकर शिकायत करते रहे हैं। भारत टैक्सी का cooperative मॉडल इन समस्याओं का समाधान देने का दावा करता है।
इससे ड्राइवरों को मिलेगा:
- ज्यादा कमाई का अवसर
- मालिकाना हक
- आर्थिक सुरक्षा
- पारदर्शी सिस्टम
यात्रियों को भी मिलेगा फायदा
यह प्लेटफॉर्म सिर्फ ड्राइवरों के लिए ही नहीं, बल्कि यात्रियों के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
यात्रियों को मिलेगा:
- भरोसेमंद और पारदर्शी सेवा
- कम किराया
- Surge pricing से राहत
भारत टैक्सी क्यों बन सकती है Ola-Uber की सबसे बड़ी चुनौती ?
भारत टैक्सी का cooperative और zero commission मॉडल भारत में ride-hailing industry को बदल सकता है। यदि यह मॉडल सफल होता है, तो यह लाखों ड्राइवरों और करोड़ों यात्रियों के लिए एक बेहतर विकल्प बन सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्लेटफॉर्म भारत में “Make in India” और “Cooperative Economy” को भी मजबूत करेगा।
भारत टैक्सी सिर्फ एक नई कैब सर्विस नहीं, बल्कि भारत में परिवहन और रोजगार के क्षेत्र में एक नई सोच का प्रतीक है। ₹500 में ड्राइवरों को मालिक बनाने और zero commission जैसे कदम इसे बाकी प्लेटफॉर्म से अलग बनाते हैं।
आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि भारत टैक्सी Ola और Uber को कितनी कड़ी टक्कर दे पाती है, लेकिन इतना तय है कि इसने ride-hailing industry में एक नई बहस जरूर शुरू कर दी है।

